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आगरा कैंट स्टेशन पर बवाल! RPF जवानों ने स्टेशन मास्टर को बीच प्लेटफॉर्म पर पीटा? वायरल वीडियो के बाद 4 जवान सस्पेंड

 


आगरा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से रविवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ जवानों और स्टेशन मास्टर के बीच हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि बहस के बाद आरपीएफ जवानों ने स्टेशन मास्टर के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई करते हुए दो सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) सहित चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया।

रेलवे अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

हीराकुंड एक्सप्रेस से शुरू हुआ पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह लगभग 11 बजे हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। ट्रेन निर्धारित ठहराव के बाद रवाना हुई, लेकिन स्टेशन से कुछ दूरी पर जाकर रुक गई।

बताया जा रहा है कि आरपीएफ के जवानों ने इसे चेन पुलिंग का मामला मानते हुए जांच शुरू की। इसी दौरान एक महिला को कथित रूप से चेन पुलिंग के आरोप में हिरासत में लिया गया।

यहीं से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।

स्टेशन मास्टर ने किया हस्तक्षेप

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टेशन मास्टर नरेंद्र चाहर ने आरपीएफ जवानों से कहा कि संबंधित महिला ने चेन पुलिंग नहीं की है और उसे छोड़ दिया जाना चाहिए।

इसी बात को लेकर स्टेशन मास्टर और आरपीएफ कर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई।

शुरुआत में मामला केवल कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर बाद विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर मारपीट की नौबत आ गई।

वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप

घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।

कुछ ही घंटों में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो में कथित तौर पर आरपीएफ कर्मियों और स्टेशन मास्टर के बीच धक्का-मुक्की तथा मारपीट जैसी स्थिति दिखाई देती है।

वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई।

हालांकि वीडियो के आधार पर पूरी घटना का निष्कर्ष निकालने के बजाय रेलवे ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।

रेलवे ने की तत्काल कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया।

निलंबित किए गए कर्मचारियों में शामिल हैं—

  • एएसआई मेघराज मीणा

  • एएसआई बालकिशन

  • कांस्टेबल जितेंद्र

  • कांस्टेबल बदन सिंह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक इन सभी को निलंबित रखा जाएगा।

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शिवम शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएंगे।

वायरल वीडियो की भी जांच की जाएगी और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

रेलवे ने समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

यदि जांच में आरपीएफ कर्मियों द्वारा नियमों का उल्लंघन या अनुचित बल प्रयोग साबित होता है, तो उनके खिलाफ रेलवे नियमों और संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार भी निर्णय लिया जाएगा।

कर्मचारी संगठनों में नाराजगी

घटना सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारी संगठनों ने इस पूरे मामले पर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी के साथ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कर्मचारी संगठनों ने यह भी कहा कि रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।

RPF की भूमिका क्या होती है?

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का मुख्य कार्य रेलवे संपत्ति, यात्रियों और रेलवे परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा—

  • संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना,

  • अपराधों की रोकथाम,

  • यात्रियों की सुरक्षा,

  • रेलवे संपत्ति की रक्षा,

भी आरपीएफ की जिम्मेदारी होती है।

दूसरी ओर स्टेशन मास्टर ट्रेन संचालन, सिग्नल व्यवस्था और स्टेशन प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए जिम्मेदार होते हैं।

ऐसे में दोनों विभागों के बीच समन्वय रेलवे संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

चेन पुलिंग क्यों होती है गंभीर?

रेलवे में बिना उचित कारण चेन पुलिंग करना दंडनीय अपराध माना जाता है।

अनावश्यक चेन पुलिंग से—

  • ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित होती है,

  • अन्य ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है,

  • यात्रियों को असुविधा होती है,

  • और कई बार सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।

इसी कारण ऐसे मामलों में आरपीएफ जांच करती है।

हालांकि इस मामले में विवाद इस बात को लेकर हुआ कि संबंधित महिला ने वास्तव में चेन पुलिंग की थी या नहीं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

कुछ लोगों ने आरपीएफ की कार्रवाई की आलोचना करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि केवल वायरल वीडियो देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।

रेलवे की साख पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे जैसी बड़ी संस्था में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच इस प्रकार का सार्वजनिक विवाद संस्थान की छवि को प्रभावित कर सकता है।

ऐसी घटनाएं यात्रियों के बीच भी गलत संदेश छोड़ती हैं।

इसी कारण रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों और स्टेशन मास्टर के बीच हुआ विवाद अब रेलवे स्तर की बड़ी जांच का विषय बन गया है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो एएसआई समेत चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।

फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि जांच में घटना का कोई अलग पक्ष सामने आता है तो उसके आधार पर भी निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल इस घटना ने रेलवे के भीतर समन्वय, अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

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